Friday, March 5, 2010

तेरी यादें .... (miss u)


अब तो रोज़ आती हैं
बराबर तेरी यादें ..
जन्नतों को तूने मुझे दिया
दोज़ख बन रोज़ आती हैं
तेरी यादें ....

प्यासा जीवन है मेरा
कभी सहरा कभी समंदर
तेरी यादें ...
मुझ को हर रोज़ आती हैं
बराबर तेरी यादें...

दिल में अब मेरे चुभती ही रही
कभी बन तीर कभी खंजर
तेरी यादें ...
मुझ को हर रोज़ आती हैं
बराबर तेरी यादें...

टूटे है अब दिल ये मेरा
और टूटे मेरा सुकून
रोज़ तोड़े है मुझको
बन के पत्थर तेरी यादें...

तू जूनून मेरा सनम
अब बने मेरा सुकून
दिल-ऐ-बंजर में
सुहाना मंजर तेरी यादें ...

शाम गहराए और
गहराए मेरा प्यार भी
हर पहर हर दो पहर
आती रहती हैं बराबर तेरी यादें...

ऊपर वो जो खुदा
नीचे तू है मेरा खुदा
हर फकत करती रहती हैं
मिन्नत तेरी यादें ...

हर कदम मेरा चले
वो भी चले तेरी तरफ
हर दो कदम पर
डगमगाए तेरी यादें ...

हसे है ये ज़माना
अब मुझपे ओ सनम
हर रोज़ रुलाती हैं
छुकर तेरी यादें ..

तेरे चेहरे पे निगाहों
से लिखू मैं ये ग़ज़ल
हर कदम मुझको
बनती है शायर तेरी यादें...

तनहा रहता हूँ मैं
अब कैसे जीयु
मौत से पहले का मंज़र तेरी यादें....
दोज़ख तेरी यादें..
बराबर तेरी यादें...
समंदर तेरी यादें...
खंजर तेरी यादें...
पत्थर तेरी यादें...
तेरी यादें ..
तेरी यादें...

1. दोज़ख- hell , 2.सहरा- desert,

10 comments:

  1. Gr8 work man!!
    sach me feelings dil ko chu gyi
    keep going and all the best for future....

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  2. second half is better...first half is too cheesy...

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  3. @manish thanks
    @deepanshi .. thanks

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  4. sweet poem...luv it

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  5. nagar sahab.........aap apne tarkash se itne acche teer kahaan se laate hain.........bhut badiya........bt i think, ki i ve read this b4 in mm lab.......isnt it???

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  6. दिल को छू रही है यह कविता .......... सत्य की बेहद करीब है ..........

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  7. Itni sahajta se dil ko chhuna to koi Nagar ji se seekhe...Absolutely mindblowing!

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